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विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ यह तथà¥à¤¯ अवशà¥à¤¯ जानते होंगे कि जीवन में जितना महतà¥à¤µ जल और वायॠका है उतना ही अधिक महतà¥à¤µ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का à¤à¥€ है à¤à¥‹à¤œà¤¨ सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की जीवन रकà¥à¤·à¤¾ के लिठअति आवशà¥à¤¯à¤• है
अरà¥à¤¥ 1 – “खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ का सरल सा अरà¥à¤¥ है कि देश के सà¤à¥€ नागरिकों के लिठकिसी à¤à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना और à¤à¥‹à¤œà¤¨ की पहà¥à¤‚च को जन-जन तक पहà¥à¤‚चाने का सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ विकसित करनाâ€
अरà¥à¤¥ 2 – अनà¥à¤¯ शबà¥à¤¦à¥‹ में “खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ नीति वह नीति है जिसमें हम जन-जन के लिठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करते हैं तथा खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को इतना ससà¥à¤¤à¤¾ व सà¥à¤²à¤ बनाते हैं कि जिससे यह सामानà¥à¤¯ लोगों तक à¤à¥€ पहà¥à¤‚च सकेâ€
अरà¥à¤¥ 3 – खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को हम इस पà¥à¤°à¤•ार से à¤à¥€ समठसकते हैं “इसका साधारण सा अरà¥à¤¥ है जन सामानà¥à¤¯ को सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥‚ रूप से जीवन वà¥à¤¯à¤¤à¥€à¤¤ करने के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आपूरà¥à¤¤à¤¿ करना तथा साथ ही à¤à¥‹à¤œà¤¨ को इतना सà¥à¤²à¤ और ससà¥à¤¤à¤¾ बनाना जिससे गरीब से गरीब परिवार à¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को खरीद सकेंâ€
à¤à¥‹à¤œà¤¨ की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आपूरà¥à¤¤à¤¿ तà¤à¥€ की जा सकती है या इसे ससà¥à¤¤à¤¾ व सà¥à¤²à¤ तà¤à¥€ बनाया जा सकता है जब खादà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बढ़ता है और खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से à¤à¤‚डारण गृह में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° किया जाता है
आपदा व सूखा जैसी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ à¤à¤‚डारण गà¥à¤°à¤¹à¥‹ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ के परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤Ÿà¥‰à¤• होने चाहिà¤
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यदि खादà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ व à¤à¤‚डार कम होगा और अनाज की मातà¥à¤°à¤¾ घटेगी तो खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की कीमतों में सà¥à¤µà¤¤ ही तेजी देखने को मिलेगी जिससे गरीबी असामानà¥à¤¯ लोग इसे खरीदने में असमरà¥à¤¥ होंगे
फूड सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ पॉलिसी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ समय से ही बहà¥à¤¤ ही संवेदनशील और चिंता का मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ रहा है जब à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ जैसे देशों में अकाल जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है तो सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ निरà¥à¤§à¤¨ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ यानी गरीब परिवार के लोगों पर सबसे अधिक असर पड़ता है इस बात को समरà¥à¤¥à¤¨ देने के लिठहम इस तथà¥à¤¯ समठसकते हैं
खादà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी के कारण जब बंगाल में 1943 के समय में अकाल की आपदा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ˆ थी तब इस आपदा में लगà¤à¤— 30 लाख लोगों कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ न मिलने के कारण जान चली गई थी और इस आपदा का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण केवल और केवल खादà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी माना जाता है
इसलिठहम यह बात समठसकते हैं कि खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना कितना आवशà¥à¤¯à¤• है और इसमें सबसे अधिक महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान सरकार का होता है
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ से संबंधित उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ किसी à¤à¥€ आपदा के समय सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उठाठगठकदम, नियम, कानून, शासकीय सतरà¥à¤•ता और सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• वितरण पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ आदि खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ माने जाते हैं|
खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾
परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ 1 – “देश के सà¤à¥€ नागरिकों के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ उपलबà¥à¤§ कराना व खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ को ससà¥à¤¤à¤¾ व सà¥à¤²à¤ बनाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ही खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कहलाती हैâ€
परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ 2 – खाद सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ वह है जिसमें सà¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठउचित मातà¥à¤°à¤¾ में पोषित à¤à¥‹à¤œà¤¨ उपलबà¥à¤§ हो तथा लोगों के पास à¤à¥‹à¤œà¤¨ को खरीदने का सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¥€ हो|
अतः उपरोकà¥à¤¤ दी गई परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ के आधार पर हम समठसकते हैं कि खाद सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तब सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ होती है जब किसी देश के नागरिकों के पास सà¥à¤µà¥€à¤•ार करने योगà¥à¤¯ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ उपलबà¥à¤§ हो और उन लोगों के पास उस à¤à¥‹à¤œà¤¨ को खरीदने की पूरà¥à¤£ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ हो साथ ही हम यह à¤à¥€ कह सकते हैं कि लोगों को à¤à¥‹à¤œà¤¨ तक पहà¥à¤‚चने में कोई à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ ना हो
इस पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के समरà¥à¤¥à¤¨ व अनाज की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ को पूरी तरह सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठसरकार ने सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• वितरण पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ व बफर सà¥à¤Ÿà¥‰à¤• आदि नीतियों को अपनाया है|
मनà¥à¤·à¥à¤¯ को जीवित रहने के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है परंतॠकेवल दो वकà¥à¤¤ का à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना ही खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को पूरà¥à¤£ नहीं करता इसे पूरा करने के लिठसामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ है तीन आयामों को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होता है पहला खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ दूसरा पहà¥à¤‚च तथा तीसरा उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ मे सरलता या सà¥à¤²à¤à¤¤à¤¾
खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ – इस आयाम में हम मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ का उचित मातà¥à¤°à¤¾ में उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨, आयात व अनाज à¤à¤‚डारण गृह मे अनाज का परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में संगà¥à¤°à¤¹ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करते हैं
खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ की जन जन तक पहà¥à¤‚च – इस आयाम में हम खादà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की कीमत पर बल देते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यदि देश के पास परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में अनाज उपलबà¥à¤§ होगा तो उसकी कीमत सà¥à¤µà¤¤ ही ससà¥à¤¤à¥€ रहेगी और गरीब नागरिक à¤à¥€ अनà¥à¤¨ को खरीद सकेगा
खादà¥à¤¯ उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ मे सरलता – इस आयाम में हम खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ को सà¥à¤²à¤ बनाते हैं जिससे गरीब से गरीब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ तक सरलता से पहà¥à¤‚च सके जैसे सरकार सामाजिक सà¥à¤¤à¤° पर राशन वितरण नीति चलाती है
जिससे गरीब लोगों को ससà¥à¤¤à¥‡ दामों पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में खाने के लिठअनाज उपलबà¥à¤§ हो जाता है जिस कारण सामानà¥à¤¯ नागरिक à¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को खरीदने में समरà¥à¤¥ माने जा सकते हैं|
खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आवशà¥à¤¯à¤• है?
जैसा कि विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ जानते हैं कि यदि किसी देश या कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सूखा, बाढ़ जैसी पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है तो इसका सबसे पहले पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हमारी फसलों यानी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की उपज पर पड़ता है
जिससे उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में कमी के कारण खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ में कमी हो जाती है à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से निपटने के लिठही देश या राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है इसलिठजानते हैं इससे जà¥à¤¡à¥‡ कà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ तथà¥à¤¯
हम सà¤à¥€ जानते हैं कि विकासशील देशों में जनसंखà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤° निरंतर बढ़ता जा रहा है जिस कारण खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की मांग में निरंतर वृदà¥à¤§à¤¿ देखी जा रही है यही कारण है कि खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की कीमतों में वृदà¥à¤§à¤¿ हो रही है
जिस कारण हमें इस समसà¥à¤¯à¤¾ से सावधानीपूरà¥à¤µà¤• लड़ने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है जिससे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में à¤à¤¸à¥€ कोई à¤à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ ना हो जिससे बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में लोगों को गंवाना पड़े और गरीब व निमà¥à¤¨ आयॠवरà¥à¤— के लोगो को मृतà¥à¤¯à¥,अकाल जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का मà¥à¤à¤¹ देखना पड़े
किन कारणों से हमें खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की जरूरत है
1.à¤à¥‹à¤œà¤¨ जीवित रहने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है – जैसा कि हम जानते हैं कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• घनी जनसंखà¥à¤¯à¤¾ वाला विकासशील देश है यहां के लोगों को पोषित करने व परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ उपलबà¥à¤§ कराने के लिठहमें खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है
2. निमà¥à¤¨ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ – à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ देश है जो अधिकतर जनसंखà¥à¤¯à¤¾ कृषि पर निरà¥à¤à¤° है परंतॠà¤à¤¾à¤°à¤¤ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• व पà¥à¤°à¤¤à¤¿ हेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¯à¤° खादà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ दोनों ही पैमानों पर कम है
3.à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अधिकतर कृषि मानसून पर निरà¥à¤à¤° होती है- आपकी जानकारी के लिठबता दें कि हमें खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता इसलिठà¤à¥€ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहां की कृषि बड़े सà¥à¤¤à¤° पर मानसून पर निरà¥à¤à¤° होती है और मानसून अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ और अनियमित होने वाली पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है इसलिठसूखे व अकाल जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से बचने के लिठयह अति आवशà¥à¤¯à¤• है
4.कई पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ – मिटà¥à¤Ÿà¥€ की उरà¥à¤µà¤°à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी, बाढ़, सूखा और मिटà¥à¤Ÿà¥€ का कटाव आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के समय से बचने के लिठà¤à¥€ हमें खादà¥à¤¯ संरकà¥à¤·à¤£ व à¤à¤‚डारण की आवशà¥à¤¯à¤•ता है
5.खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की निरंतर बढ़ती मांग – यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ कारण है जो कई पà¥à¤°à¤•ार से लागू होता है जनसंखà¥à¤¯à¤¾ वृदà¥à¤§à¤¿ व उचà¥à¤š कोटि के पोषित करने वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ की मांग निरंतर बढ़ती जा रही है जिससे à¤à¥‹à¤œà¤¨ की कीमतों में वृदà¥à¤§à¤¿ व à¤à¥à¤–मरी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है इसलिठà¤à¥€ हमें इसके संरकà¥à¤·à¤£ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है
6.खादà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¨ आयात के लिठविदेशों पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ – जब देश में खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ की कमी होती है तो देश नागरिकों को à¤à¥à¤–मरी से बचाने के लिठकिसी à¤à¥€ कीमत पर विदेशों से आयात करते हैं परंतॠविदेशों से आयात करना हमारे लिठफायदे का सौदा नहीं होता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अनाज की कीमत अधिक व गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ नà¥à¤¯à¥‚नतम सà¥à¤¤à¤° की मिलती है
7.विदेशी दबाव बनाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करते हैं – à¤à¤¸à¤¾ हम कह सकते हैं कि जो देश किसी देश को अनाज आपूरà¥à¤¤à¤¿ करता है वह अनेक पà¥à¤°à¤•ार के खादà¥à¤¯ आयात से संबंधित असंगत नीतियां मनवाने व दबाव बनाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करता है
8.हमारी विदेशी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ का असंगत खरà¥à¤š – इस तथà¥à¤¯ को यदि धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ पूरà¥à¤µà¤• समà¤à¤¾ जाठतो खादà¥à¤¯ आयात के लिठधन को खरà¥à¤š करना असंगत है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खादà¥à¤¯ संरकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ व उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ तकनीकों को बेहतर कर हम विदेशों से खादà¥à¤¯ आयात से बच सकते हैं इस कारण à¤à¥€ हमें खादà¥à¤¯ संरकà¥à¤·à¤£ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है|
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