5 खाद्य सुरक्षा क्या है?HealthPlanet

Posted on Sat 17th Dec 2022 : 15:12

विद्यार्थी यह तथ्य अवश्य जानते होंगे कि जीवन में जितना महत्व जल और वायु का है उतना ही अधिक महत्व भोजन का भी है भोजन सभी प्राणियों की जीवन रक्षा के लिए अति आवश्यक है

अर्थ 1 – “खाद्य सुरक्षा का सरल सा अर्थ है कि देश के सभी नागरिकों के लिए किसी भी परिस्थिति में भोजन की उपलब्धता को सुनिश्चित करना और भोजन की पहुंच को जन-जन तक पहुंचाने का सामर्थ्य विकसित करना”

अर्थ 2 – अन्य शब्दो में “खाद्य सुरक्षा नीति वह नीति है जिसमें हम जन-जन के लिए खाद्य पदार्थों की पर्याप्त मात्रा को सुनिश्चित करते हैं तथा खाद्य पदार्थों को इतना सस्ता व सुलभ बनाते हैं कि जिससे यह सामान्य लोगों तक भी पहुंच सके”

अर्थ 3 – खाद्य सुरक्षा को हम इस प्रकार से भी समझ सकते हैं “इसका साधारण सा अर्थ है जन सामान्य को सुचारू रूप से जीवन व्यतीत करने के लिए भोजन की पर्याप्त आपूर्ति करना तथा साथ ही भोजन को इतना सुलभ और सस्ता बनाना जिससे गरीब से गरीब परिवार भी भोजन को खरीद सकें”

भोजन की पर्याप्त आपूर्ति तभी की जा सकती है या इसे सस्ता व सुलभ तभी बनाया जा सकता है जब खाद्य उत्पादन बढ़ता है और खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रूप से भंडारण गृह में स्टोर किया जाता है
आपदा व सूखा जैसी परिस्थितियों के लिए भी भंडारण ग्रहो में भोजन के पर्याप्त स्टॉक होने चाहिए
क्योंकि यदि खाद्य उत्पादन व भंडार कम होगा और अनाज की मात्रा घटेगी तो खाद्य पदार्थों की कीमतों में स्वत ही तेजी देखने को मिलेगी जिससे गरीबी असामान्य लोग इसे खरीदने में असमर्थ होंगे

फूड सिक्योरिटी पॉलिसी पुराने समय से ही बहुत ही संवेदनशील और चिंता का मुद्दा रहा है जब भी भारत जैसे देशों में अकाल जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो सबसे ज्यादा निर्धन व्यक्ति यानी गरीब परिवार के लोगों पर सबसे अधिक असर पड़ता है इस बात को समर्थन देने के लिए हम इस तथ्य समझ सकते हैं

खाद्य उत्पादन क्षमता में कमी के कारण जब बंगाल में 1943 के समय में अकाल की आपदा उत्पन्न हुई थी तब इस आपदा में लगभग 30 लाख लोगों कि भोजन न मिलने के कारण जान चली गई थी और इस आपदा का मुख्य कारण केवल और केवल खाद्य उत्पादन की क्षमता में कमी माना जाता है

इसलिए हम यह बात समझ सकते हैं कि खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना कितना आवश्यक है और इसमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण योगदान सरकार का होता है

क्योंकि खाद्य सुरक्षा से संबंधित उत्पन्न किसी भी आपदा के समय सरकार द्वारा उठाए गए कदम, नियम, कानून, शासकीय सतर्कता और सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं|
खाद्य सुरक्षा की परिभाषा

परिभाषा 1 – “देश के सभी नागरिकों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध कराना व खाद्य सामग्री को सस्ता व सुलभ बनाने की प्रक्रिया ही खाद्य सुरक्षा कहलाती है”

परिभाषा 2 – खाद सुरक्षा वह है जिसमें सभी व्यक्तियों के लिए उचित मात्रा में पोषित भोजन उपलब्ध हो तथा लोगों के पास भोजन को खरीदने का सामर्थ्य भी हो|

अतः उपरोक्त दी गई परिभाषा के आधार पर हम समझ सकते हैं कि खाद सुरक्षा प्रक्रिया तब सुनिश्चित होती है जब किसी देश के नागरिकों के पास स्वीकार करने योग्य पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध हो और उन लोगों के पास उस भोजन को खरीदने की पूर्ण क्षमता हो साथ ही हम यह भी कह सकते हैं कि लोगों को भोजन तक पहुंचने में कोई भी समस्या ना हो

इस प्रणाली के समर्थन व अनाज की उपलब्धता को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली व बफर स्टॉक आदि नीतियों को अपनाया है|

मनुष्य को जीवित रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है परंतु केवल दो वक्त का भोजन करना ही खाद्य सुरक्षा प्रणाली को पूर्ण नहीं करता इसे पूरा करने के लिए सामान्यतः है तीन आयामों को सुनिश्चित करना होता है पहला खाद्य सामग्री की उपलब्धता दूसरा पहुंच तथा तीसरा उपलब्धता मे सरलता या सुलभता

खाद्य सामग्री की उपलब्धता – इस आयाम में हम मुख्य रूप से खाद्य सामग्री का उचित मात्रा में उत्पादन, आयात व अनाज भंडारण गृह मे अनाज का पर्याप्त मात्रा में संग्रह सुनिश्चित करते हैं
खाद्य सामग्री की जन जन तक पहुंच – इस आयाम में हम खाद्य वस्तुओं की कीमत पर बल देते हैं क्योंकि यदि देश के पास पर्याप्त मात्रा में अनाज उपलब्ध होगा तो उसकी कीमत स्वत ही सस्ती रहेगी और गरीब नागरिक भी अन्न को खरीद सकेगा
खाद्य उपलब्धता मे सरलता – इस आयाम में हम खाद्य सामग्री को सुलभ बनाते हैं जिससे गरीब से गरीब व्यक्ति भी खाद्य सामग्री तक सरलता से पहुंच सके जैसे सरकार सामाजिक स्तर पर राशन वितरण नीति चलाती है

जिससे गरीब लोगों को सस्ते दामों पर पर्याप्त मात्रा में खाने के लिए अनाज उपलब्ध हो जाता है जिस कारण सामान्य नागरिक भी भोजन को खरीदने में समर्थ माने जा सकते हैं|
खाद्य सुरक्षा क्यों आवश्यक है?

जैसा कि विद्यार्थी जानते हैं कि यदि किसी देश या क्षेत्र में सूखा, बाढ़ जैसी प्राकृतिक स्थिति उत्पन्न होती है तो इसका सबसे पहले प्रत्यक्ष प्रभाव हमारी फसलों यानी खाद्य पदार्थों की उपज पर पड़ता है

जिससे उत्पादन में कमी के कारण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता में कमी हो जाती है ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए ही देश या राज्यों को खाद्य सुरक्षा की आवश्यकता होती है इसलिए जानते हैं इससे जुडे कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

हम सभी जानते हैं कि विकासशील देशों में जनसंख्या स्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है जिस कारण खाद्य पदार्थों की मांग में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है यही कारण है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हो रही है

जिस कारण हमें इस समस्या से सावधानीपूर्वक लड़ने की आवश्यकता है जिससे भविष्य में ऐसी कोई भी परिस्थिति उत्पन्न ना हो जिससे बड़ी मात्रा में लोगों को गंवाना पड़े और गरीब व निम्न आयु वर्ग के लोगो को मृत्यु,अकाल जैसी समस्याओं का मुँह देखना पड़े

किन कारणों से हमें खाद्य सुरक्षा की जरूरत है

1.भोजन जीवित रहने के लिए आवश्यक है – जैसा कि हम जानते हैं कि भारत एक घनी जनसंख्या वाला विकासशील देश है यहां के लोगों को पोषित करने व पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध कराने के लिए हमें खाद्य सुरक्षा की आवश्यकता है
2. निम्न उत्पादन क्षमता – भारत एक ऐसा देश है जो अधिकतर जनसंख्या कृषि पर निर्भर है परंतु भारत में प्रति श्रमिक व प्रति हेक्टेयर खाद्य उत्पादन दोनों ही पैमानों पर कम है
3.भारत में अधिकतर कृषि मानसून पर निर्भर होती है- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हमें खाद्य सुरक्षा की आवश्यकता इसलिए भी है क्योंकि यहां की कृषि बड़े स्तर पर मानसून पर निर्भर होती है और मानसून अनिश्चित और अनियमित होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है इसलिए सूखे व अकाल जैसी स्थिति से बचने के लिए यह अति आवश्यक है
4.कई प्रकार की समस्याएं – मिट्टी की उर्वरक क्षमता में कमी, बाढ़, सूखा और मिट्टी का कटाव आदि समस्याओं के समय से बचने के लिए भी हमें खाद्य संरक्षण व भंडारण की आवश्यकता है
5.खाद्य पदार्थों की निरंतर बढ़ती मांग – यह एक ऐसा कारण है जो कई प्रकार से लागू होता है जनसंख्या वृद्धि व उच्च कोटि के पोषित करने वाले भोजन की मांग निरंतर बढ़ती जा रही है जिससे भोजन की कीमतों में वृद्धि व भुखमरी जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है इसलिए भी हमें इसके संरक्षण की आवश्यकता है
6.खाद्यान्न आयात के लिए विदेशों पर निर्भरता – जब देश में खाद्य सामग्री की कमी होती है तो देश नागरिकों को भुखमरी से बचाने के लिए किसी भी कीमत पर विदेशों से आयात करते हैं परंतु विदेशों से आयात करना हमारे लिए फायदे का सौदा नहीं होता क्योंकि अनाज की कीमत अधिक व गुणवत्ता न्यूनतम स्तर की मिलती है
7.विदेशी दबाव बनाने का प्रयत्न करते हैं – ऐसा हम कह सकते हैं कि जो देश किसी देश को अनाज आपूर्ति करता है वह अनेक प्रकार के खाद्य आयात से संबंधित असंगत नीतियां मनवाने व दबाव बनाने का प्रयत्न करता है
8.हमारी विदेशी मुद्रा का असंगत खर्च – इस तथ्य को यदि ध्यान पूर्वक समझा जाए तो खाद्य आयात के लिए धन को खर्च करना असंगत है क्योंकि खाद्य संरक्षण प्रणाली व उत्पादन तकनीकों को बेहतर कर हम विदेशों से खाद्य आयात से बच सकते हैं इस कारण भी हमें खाद्य संरक्षण की आवश्यकता है|

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